शुभ मुहूर्त मार्गदर्शिका
परीक्षा मुहूर्त के लिए पंचांग, तिथि, नक्षत्र और पारंपरिक नियमों का यह संदर्भ पढ़ें। बड़े निर्णयों के लिए अपनी जन्म कुंडली और स्थानीय समय भी ध्यान में रखें।
प्रतियोगी परीक्षा, प्रवेश परीक्षा, बोर्ड परीक्षा
अपना शहर चुनें। केवल वे तिथियाँ दिखाई जाती हैं जिनकी तिथि या नक्षत्र इस मार्गदर्शिका से मेल खाता है और जिनमें वह तिथि नहीं है जिससे गुरेज़ कहा गया है।
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तिथि तय करने से पहले वार, राहु काल और ऊपर लिखे अन्य नियम भी देख लें।
पुष्य (गुरु का नक्षत्र — पोषक ज्ञान), हस्त (कुशल प्रदर्शन और लेखन), तथा श्रवण (स्मरण और अधिगम) को परीक्षा हेतु अत्यंत शुभ माना जाता है। अश्विनी (शीघ्र चिंतन) और मृगशिरा (बौद्धिक जिज्ञासा) भी अनुकूल हैं।
दैनिक तैयारी के भाग के रूप में सरस्वती मंत्र (ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः) और गणेश मंत्र (ॐ गं गणपतये नमः) का जाप करें। अपने चालू महादशा और अंतर्दशा से परामर्श लें — बुध और गुरु की अवधि शैक्षिक सफलता के लिए सर्वाधिक अनुकूल होती है। यदि आपकी कुंडली में बुध पीड़ित है, तो तैयारी के दौरान पन्ना धारण करना या बुध से संबंधित उपाय करना सहायक हो सकता है।
बुध वक्री उन परीक्षाओं के लिए विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण होता है जिनमें विश्लेषणात्मक लेखन, संवाद और सटीक जानकारी का स्मरण शामिल होता है। यदि बुध वक्री के दौरान कोई प्रमुख परीक्षा हो, तो तैयारी का समय बढ़ाएँ, जमा करने से पहले सभी उत्तरों की दोबारा जाँच करें, और अंतिम क्षणों में की जाने वाली उन तैयारियों से बचें, जो अल्पकालिक स्मरण पर निर्भर हों।
अन्य मुहूर्त मार्गदर्शिकाएँ
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रीडिंग गणना सेवा द्वारा निकाली जाती हैं। जनरेट की गई रिपोर्ट की राशि वापस नहीं की जाती। धनवापसी नीति पढ़ें